हज और उमराह के मंत्री मोहम्मद बिन सालेह ने दो पवित्र मस्जिदों के मामलों की प्रेसीडेंसी के साथ रविवार को एक समन्वय बैठक के दौरान बयान दिया की “हज और उमराह तीर्थयात्रियों को उनके पहले वीजा की लागत का सामना नहीं करना पड़ेगा और कहा की “दो पवित्र मस्जिदों के कस्टोडियन राजा सलमान उनकी तरफ से ऐसा करेंगे.

यात्रियों को सुविधा प्रदान करना है प्राथमिकता 

उन्होंने कहा की “हमारी साझेदारी का उद्देश्य हज और उमराह तीर्थयात्रियों के सामने आने वाली सभी बाधाओं को दूर करना और मक्का और मदीना में दो पवित्र मस्जिदों के आगमन पर यात्रियों को सुविधा देना है.”

सऊदी गैजेट के अनुसार बैठक में एक ऑडियो-विज़ुअल प्रेजेंटेशन देखा गया, जिसमे विज़न 2030 के कार्यक्रम को ध्यान में रख कर हज और उमराह तीर्थयात्रियों को अच्छी सुविधाएं प्रदान करने के बारे में बताया गया और यात्रियों के लिए सेवाएं प्रदान करने के बारे में बताया गया.

सऊदी गैजेट के अनुसार प्रेसीडेंसी के चेयरमैन शेख अब्दुल रहमान अल-सुइदाइस ने “दो पवित्र मस्जिदों के कस्टोडियन सरकार द्वारा हज और उमराह तीर्थयात्रियों को प्रदान की जाने वाली उपभोक्ता सेवाओं की सराहना की और कहा कि मंत्रालय और प्रेसिडेंसी तीर्थयात्रियों और आगंतुकों की सुविधा के लिए और अधिक प्रयास करेगी.”

Muhammad Bin Saleh Bentin and Sheikh Abdulrahman — Okaz

हज और उमराह कंपनियों के लिए आदेश 

प्रेसिडेंसी ने कहा कि प्रेसिडेंसी और मंत्रालय तीर्थयात्रियों को निर्देशित करने के लिए इच्छुक हैं.

उन्होंने कहा की “मंत्रालय ने शवाल 20 (4 जुलाई) की तारिख सेट कर दी है, इस दिन हज और उमराह कंपनियों को मिना में टेंट प्रदान किये जायेंगे और यह भी कहा की इन कंपनियों को रमादान 12 (27 मई ) को उनके सीजनल लाइसेंस प्रदान किये जायेंगे.

उन्होंने यह भी कहा की “रमजान 23 (7 जून) सामान्य, सुविधाजनक और कम लागत वाले हज के कार्यक्रमों के लिए बैंक गारंटी प्राप्त करने की आखिरी तारीख होगी.

मंत्रालय ने कहा कि परिवहन कंपनियों को कंप्यूटर में अपना डेटा दर्ज करना चाहिए और कहा की आवास प्रदाताओं के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 7 अगस्त है.

मंत्रालय ने स्थानीय हज कंपनियों से कहा कि उनकी मंजूरी के बिना तंबू में कोई बदलाव न करें .