SOURCE: SAUDI GAZETTE

मक्का – दो पवित्र मस्जिदों के मामलों के प्रेसीडेंसी ने “तीर्थयात्रियों की ज़बान” (“The tongue of the pilgrims”) नाम के तहत एक यूनिट की स्थापना की है, जो गैर-अरबी भाषी तीर्थयात्रियों को मस्जिद अल-हरम के अंदर और बाहर मार्गदर्शन करने की पूरी ज़िम्मेदारी उठाएंगे.

सऊदी गेजेट के मुताबिक, यूनिट के कार्यकारी निदेशक फदी हिजाज़ी ने कहा है कि अनुवाद सेवाए यानी ट्रांसलेटर तीर्थयात्रियों के रहने वाली जगह पर भी उनकी मदद करेंगे.

यह यूनिट अनुवाद विभाग का हिस्सा है, जिसे एक साल पहले स्थापित किया गया था ताकि वह उन लोगों के मेहमानों की सेवा कर सके जो अरबी नहीं बोलते हैं. अरब नामा को मिली जानकारी के मुताबिक, हिजाज़ी का कहना है कि उनके ट्रांसलेटर अंग्रेजी, फ्रेंच, उर्दू, मलय, फारसी, तुर्की, रूसी, हौसा, चीनी और बंगाली समेत 10 भाषाओं में अनुवाद करेंगे ताकि किसी भी देश से आये जायेरीन को मुश्किल का सामना ना करना पड़े.

उन्होंने कहा, “हम बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों द्वारा बोली जाने वाली भाषाओं को कवर करने की कोशिश कर रहे हैं जो अरबी में आराम से संवाद नहीं कर सकते हैं.” हिजाज़ी कहा कि दुभाषियों ने मस्जिद अल-हरम के सभी कोनों को विशेष रूप से सबसे भीड़ वाले क्षेत्रों में शामिल किया और जो 24/7 काम करते है. किसी भी वक़्त अगर ज़ायेरीनों को ट्रांसलेटर की ज़रूरत होती है तो वह हर वक़्त हाज़िर रहते है.

उन्होंने कहा कि दुभाषियों को मुख्य द्वार और हरम के आस-पास के केंद्रीय क्षेत्र की ओर जाने वाली महत्वपूर्ण सड़कों तक पहुंचने वाले मार्गों पर भी तैनात किया गया है. उन्होंने कहा, “तीर्थयात्री रेडियो सुनने के लिए एफएम आवृत्ति में ट्यून कर सकते हैं.”

हिजाज़ी ने इस यूनिट को अलाह के दर पर आने वाले जायेरीनों के लिए बेहतर सेवा का नाम दिया है ताकि किसी भी गैर-अरबी बोलने वाले शख्स को दिक्कत ना हो सके. उन्होंने कहा, “हम तीर्थयात्रियों को जगह मार्गदर्शन प्रदान करते हैं ताकि मस्जिद अल-हरम में गम ना हो जायें. हम उन्हें हरम के बाहर आसानी से उनके आवास तक पहुंचने में भी मदद करते हैं.”