दुनियाभर के अमीर तरीन देशों में शुमार सऊदी अरब पर भी कोरोना की मार पड़ रही है। कोरोना की वजह से सऊदी की अर्थव्यवस्था खराब होती नजर आ रही है। कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से प्रभावित हुई अर्थव्यवस्था की स्थिति को सुधारने के लिए सऊदी अरब ने वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) तीन गुना बढ़ा दिया गया है। यह नुयम कल यानी 1 जुलाई से पूरे सऊदी में लागू हो गया हैं।

सऊदी गैज़ेट के मुताबिक़, सऊदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाला कॉस्ट ऑफ लिविंग अलाउंस भी रोक दिया है ताकि वित्तीय घाटे को कम किया जा सके।

सऊदी को कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में लागू किए गए लॉकडाउन के बाद तेल की गिरी हुई कीमतों के कारण काफ़ी नुकसान झेलना पड़ा। जिसके चलते सऊदी में तेल की कीमातों में भारी गिरावट देखी गयी।

वित्त मंत्री मोहम्मद अल जदान ने एक बयान में कहा, “ये बदलाव कष्ट देने वाले हैं लेकिन लंबे समय के लिहाज से देखें तो वित्तीय और आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद ज़रूरी हैं। जिससे हम कोरोना वायरस संकट की विषम परिस्थिति से पैदा हुए हालात से कम से कम नुकसान के साथ उबर पाएंगे।”

सऊदी अरब ने दो साल पहले ही वैट लागू किया था. इसे लागू करने के पीछे सऊदी की मंशा थी कि दुनियाभर के कच्चे तेल के बाज़ारों पर अपनी निर्भरता को कम करे।

सऊदी की सरकारी न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक वैट की दर पांच फ़ीसदी से बढ़ाकर 15 फ़ीसदी कर दी गई है। नई टैक्स दर एक जुलाई से लागू हो गयी।