ज़िल-हिज्जह के महीने की पहली रात अल्लाह के घर को ईहराम बांधने (काबा के चार कोनों पर फैला हुआ सफेद कपड़ा) के साथ और जेद्दा में किंग अब्दुलअजीज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ज़ायरीनों के पहले क़ाफ़िले के आगमन के साथ 1441 का हज शुरू हुआ।

हाजियों ने खाना ए काबा का तवाफ़ किया और अल्लाह से दुआ रहमत और मग़फिरत की दुआ की। हरम से लाइव प्रसारित हुए हज को दुनियाभर के लाखों मुस्लिमों ने देखा और अल्लाह से हज क़ूबूल अता फरमाने की दुआ की।

इस साल पिछले सालों के हज से काफी अलग है क्योंकि इस साल घा’तक कोरोना वायरस के ख’तरे के कारण, सऊदी सरकार सिर्फ 1,000 नागरिक और प्रवासी ही हज करेंगें।

मदीना, रियाद, अब्हा, तबूक और जज़ान शहरों से जेद्दा में पहुंचने के बाद, ज़ुयूफ़ अल-रहमान ने तुरंत मक्का पंहुचे और अपने कोरनटाइन के समाप्त के बाद, वे 8 ज़िल-हिज्जह को मिना चले जाएंगे।

Masjid Al Haram ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಬುಧವಾರ, ಜುಲೈ 29, 2020