सऊदी अरब दुनियाभर से आये प्रवासियों के लिए नौकरी करने के लिए सबसे पसंदीदा देश है लेकिन उसी के साथ यहां काम करने वाले प्रवासियों के साथ कितनी ज़िययती होती है इसके किस्से आये दिन मीडिया की सुर्खियों में बने रहते है।

इन दिनों सऊदी में नौकरी करने वाली एक बांग्लादेशी घरेलू महिला कामगार का एक वीडियो दुनियाभर में खूब वायरल हो रहा है, जिसमें उसने सऊदी घर में होने वाले दुर्व्यवहार का वर्णन किया है। नौकरानी ने ऑनलाइन झटके-झटके दिए हैं। कोई उसके बंगाली शब्दों को समझ नहीं सकता है लेकिन उसके आंसू और उसके चेहरे पर खोए हुए डर काफी हद तक उस दर्द को दर्शाते हैं, जिसके जरिए वह ज़िंदा है।

नौकरानी का नाम सुमी अख़्तर है और उसकी कहानी अनगिनत प्रवासी घरेलू कामगारों के समान है जो अरब दुनिया में विवादास्पद कफाला प्रणाली के तहत मानवाधिकारों के उल्लंघन का सामना कर रहे हैं।


कथित तौर पर 25 वर्षीय जेद्दाह में अपने सऊदी परिवार के साथ रहती है। वीडियो में, वह कथित तौर पर कहती है कि उसके मालिक शारीरिक रूप से उसके साथ मारपीट करते है, उसे बंद कर देते है और हफ्तों तक उसे भूखा रखते है। उन्होंने उसे “बेरहम यौ’न ह’म’ले” की भी कोशिश की ।

उसने अपना दुख ज़ाहिर करते हुए कहा कि”, मैं शायद ज्यादा वक़्त तक ज़िंदा नहीं रहूंगी। कृपया मुझे बचाओ। उन्होंने मुझे 15 दिनों तक बंद रखा और बमुश्किल मुझे कोई खाना दिया। उन्होंने मुझे मा’रा और फिर गर्म तेल से मेरी बाहों को जला दिया।”

घर वापस आने के लिए बेताब रहने वाली नौकरानी का कहना है कि उसे उसके पिछले मालिक द्वारा भी “यातना” दी गई थी और यह दुर्व्यवहार उसके वर्तमान मालिकों के हाथों जारी रहा।

France Agence France-Presse (AFP) से बात करते हुए, अक्टर के पति ने कहा कि उन्होंने अपने घर लौटने की कोशिश की थी लेकिन उनके प्रयास फलदायी नहीं रहे हैं। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, बांग्लादेश सरकार ने अपने सऊदी समकक्ष से अकतर की गारंटी के लिए आवश्यक उपाय करने का आह्वान किया।