सऊदी सरकार ने हाल ही के सालों में कई बड़े परिवर्तन किये है जिसकी किसी भी देश को उम्मीद नहीं थी. सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने जब सत्ता संभाली है तभी से उन्होंने सऊदी का तख्ता पलट कर दिया है. बिन सलमान ने भविष्य में तेल की कमी को मद्देनज़र रखते हुए सऊदी में विज़न 2030 परियोजना को लांच किया. जिसका उदेश्य सऊदी की अर्थव्यवस्था को बहुत ऊपर ले जाना है. सऊदी नागरिकों की तेल पर निर्भरता को खत्म करना है. इसलिए सऊदी सरकार अब प्रवासियों को नौकरी देने के बजाए सऊदी नागरिकों को नौकरी दे रही है.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, सऊदी अरब सरकार ने राज्य के अधिकारियों और सार्वजनिक दस्तावेजों की समीक्षा में काम करने वाले पश्चिमी सलाहकारों की मदद के लिए राजनीतिक डेटा फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका की मूल कंपनी से विज़न 2030 को तरक्की तक पहुँचाने के लिए मदद ले रही है.

कैम्ब्रिज कंपनी की एससीएल ग्रुप नाम की एक गुप्त रक्षा और खुफिया कांट्रेक्टर सऊदी में बड़े बदलावों के लिए  सऊदी सरकार की मदद कर रहा है. आपको बता दें की यह वहीँ कंपनी है जिसने कई कई लाख फेसबुक यूजर्स का निजी डेटा लीक किया था. इस कंपनी ने सऊदी के नागरिकों का मनोवैज्ञानिक सड़क मानचित्र और शाही परिवार की ओर इसकी भावना प्रदान की, यहां तक ​​कि संभावित सुधार कदमों का परीक्षण भी किया क्योंकि उन्होंने स्थिरता को संरक्षित रखने के लिए सऊदी की हर कदम पर मदद की है.

सलाहकारों और अधिकारियों ने गुमनाम होने की शर्त पर बात की क्योंकि सऊदी और कंपनी के बीच जो समझौता हुआ वो इस बिना पर हुई थी की यह बात किसी को पता ना चल सके. इस कंपनी के कहने पर ही सऊदी ने 35 साल पुराने सिनेमा के प्रतिबन्ध हो हटाने का फैसला किया और सऊदी में महिलाओं को ड्राइविंग की अनुमति देना का फैसला भी सऊदी ने कंपनी के साथ मिलकर किया था.