मिडिल ईस्ट ऑय के मुताबिक, सऊदी अरब ने फिलिस्तीनियों को देश में प्रवेश करने से अस्थायी जॉर्डनियन पासपोर्ट रखने पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे हजारों लोगों को हज और उमरा तीर्थयात्रा शुरू करने से रोक दिया गया है, फिलिस्तीन और जॉर्डन में पर्यटक कंपनियों के प्रमुखों ने इस बात की पुष्टि की है.

आपको बता दें कि, इस महीने की शुरुआत में बताया गया था कि उन्हें अस्थायी जॉर्डनियन पासपोर्ट पर यात्रा करने की मांग करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए वीजा के लिए आवेदन नहीं करना चाहिए, हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

यह माप सीधे जॉर्डन और इज़राइली कब्जे वाले पूर्वी जेरूसलम में रहने वाले लगभग 634,000 फिलिस्तीनियों को प्रभावित करता है, जिनके पास यात्रा दस्तावेज के किसी अन्य रूप तक पहुंच नहीं है, उन्हें सऊदी अरब जाने की इजाजत मिलती है, जहां लाखों मुसलमान हर साल मक्का और मदीना का दौरा करते है.

फिलीस्तीनी इंस्टीट्यूशन फॉर ह्यूमन राइट्स (शाहेद) की रिपोर्ट करते हुए, कतरी समाचार वेबसाइट ने कहा कि सऊदी अरब ने लेबनान में रहने वाले फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए वीजा जारी करना बंद कर दिया है, जो फिलीस्तीनी अथॉरिटी (पीए) पासपोर्ट नहीं रखते हैं.

वर्ल्ड न्यूज़ अरेबिया को मिली जानकारी के मुताबिक, फिलीस्तीनी इंस्टीट्यूशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि लेबनान में सऊदी दूतावास द्वारा यात्रा एजेंटों को सूचित किया गया कि वे फिलिस्तीनियों के आवेदन स्वीकार ना करें जिनके पास फलिस्तीनी पासपोर्ट नहीं हैं.