अल अरब की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने तीर्थयात्रा करने से 300,000 फिलीस्तीनी पर प्रतिबंध लगाने के नए निर्देश जारी किए.

फिलीस्तीनी इंस्टीट्यूशन फॉर ह्यूमन राइट्स (शाहेद) की रिपोर्ट करते हुए, कतरी समाचार वेबसाइट ने कहा कि सऊदी अरब ने लेबनान में रहने वाले फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए वीजा जारी करना बंद कर दिया है, जो फिलीस्तीनी अथॉरिटी (पीए) पासपोर्ट नहीं रखते हैं.

वर्ल्ड न्यूज़ अरेबिया को मिली जानकारी के मुताबिक, फिलीस्तीनी इंस्टीट्यूशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि लेबनान में सऊदी दूतावास द्वारा यात्रा एजेंटों को सूचित किया गया कि वे फिलिस्तीनियों के आवेदन स्वीकार ना करें जिनके पास फलिस्तीनी पासपोर्ट नहीं हैं.

अधिकार समूह ने कहा कि यह “अचानक” सऊदी निर्णय के बारे में चिंतित था, जिसने राज्यों को अपने कारणों की पहचान करने के लिए बुलाया जिनके पास फिलीस्तीनी शरणार्थियों और उनके भविष्य पर “खतरनाक परिणाम” हैं.

अल अरब के अनुसार, शाहेद इस मुद्दे के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए लेबनान में सऊदी दूतावास में अधिकारियों तक नहीं पहुंच सके, लेकिन कहा कि बेरूत में फिलिस्तीन दूतावास को इस संबंध में आधिकारिक निर्देश नहीं मिला.

शाहेद ने कहा कि इस कदम से फिलिस्तीनी शरणार्थियों पर और बोझ बढ़ता है क्योंकि यह आंदोलन की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करता है और उन्हें हज करने से रोकने के अलावा सऊदी में नौकरियां प्राप्त करने का मौका सीमित करता है.