SOURCE: SAUDI GAZETTE

मक्का – अल मदीना अखबार ने सुरक्षा बलों के कमांडर जनरल खलील करार अल-हरबे का हवाला देते हुए मंगलवार को बताया। कि, रमजान के दौरान ग्रैंड मस्जिद में भीड़ को मद्देनज़र रखते हुए सऊदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. रमजान में 30,000 सुरक्षाकर्मी ग्रैंड मस्जिद में भीड़ का प्रबंधन करेंगे.

सऊदी गेजेट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि उमराह सुरक्षा योजना सोमवार को आंतरिक मंत्री प्रिंस अब्दुलजीज़ बिन सऊद द्वारा अनुमोदित होने के बाद शुरू हुई. आपको बता दें कि प्रिंस अब्दुलजीज़ बिन सऊद सर्वोच्च हज समिति के अध्यक्ष भी हैं.

उन्होंने कहा कि, “भीड़ को काबू संचित क्षेत्र के अनुभवों द्वारा वैज्ञानिक दृष्टि के अनुसार किया जाएगा. वर्ल्ड न्यूज़ अरेबिया को मिली जानकारी के मुताबिक, ” कमांडर जनरल खलील करार अल-हरबे ने कहा कि इस योजना में सुरक्षा कारक, यातायात, सड़क नियंत्रण और ग्रैंड मस्जिद के बाहर और अन्दर आने वाले लोगों की भीड़ के प्रबंधन सहित कई पहलुओं को शामिल किया गया है.

सऊदी गेजेट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि योजना पिछले पाठों और वैज्ञानिक अध्ययनों से लाभान्वित होगी. उन्होंने कहा कि, “सुरक्षा बल पूरी तरह से योजना को लागू कर रहे हैं और सुरक्षा की स्थिति अब तक बहुत अच्छी है, इंशाअल्लाह आगे भी अच्छी ही रहेगी.”

कमांडर ने कहा कि सुरक्षा बल उमराह सुरक्षा योजना को पूरा करने के लिए सभी जगहों और स्थानों पर तैनात होंगे. रमजान के दौरान किसी भी यात्री को मस्जिद में किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि, ” मस्जिद अल हरम में तैनात सुरक्षा बल चोरी और पिक-पॉकेटिंग सहित नकारात्मक घटना को रोकने के प्रयास करेंगे.”

उन्होंने कहा कि कुछ बेईमान लोग पैसे कमाने के लिए उमराह सीजन का फायदा उठाते है, लेकिन सुरक्षा बलों उनके पीछे होंगी और उन्हें हरम या बाहरी प्लाजा में गुप्त कर्मों के माध्यम से अपने बुरे कर्मों को पूरा करने में सक्षम नहीं होंगे. मस्जिद में तैनात सुरक्षा बल अत्यधिक योग्य और अच्छी तरह से प्रशिक्षित हैं.