रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार को कहा कि दोनों मध्य पूर्वी शक्तियों के बीच युद्ध का जिक्र करते हुए और यह संकेत देते हुए कि तेहरान अपनी मिसाइलों को त्याग नहीं देगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इराक के सद्दाम हुसैन की तरह ईरान के साथ अपने टकराव में नाकाम हो जाएंगे.

ट्रम्प ने मई में एक ऐतिहासिक बहुपक्षीय परमाणु समझौते से वापस लेने के बाद ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा दिया और पिछले महीने इस्लामी गणराज्य पर प्रतिबंधों को दोबारा शुरू कर दिया.

मिडिल ईस्ट मॉनिटर के मुताबिक, जैसा कि रूहानी ने कहा, ईरान ने राजधानी तेहरान में वार्षिक परेड के दौरान खाड़ी में अपनी नौसेना शक्ति और खाड़ी पर बंदर अब्बास के बंदरगाह को इराक के साथ देश के 1980-88 युद्ध की शुरुआत के बारे में बताया.

ईरान ने हाल के हफ्तों में सुझाव दिया है कि कच्चे तेल की बिक्री रोकने के इरादे से अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रतिशोध में अन्य देशों के तेल निर्यात को रोकने के लिए खाड़ी में सैन्य कार्रवाई कर सकती है.

वर्ल्ड न्यूज़ अरेबिया को मिली जानकरी के मुताबिक, “रूहानी ने राज्य टेलीविजन द्वारा किए गए एक भाषण में कहा कि, “ट्रम्प के साथ भी यही होगा जो सद्दाम हुसैन के साथ हुआ था.