बुधवार को हज का मुक़द्दस सफर शुरू हुआ। आज सभी हाजी मीना से अराफ़ात पहुंचे जिसमें हाजियों ने ज़ोहर और असर की नमाज़ अराफ़ात की नामिराह मस्जिद में अदा की।

हज के दौरान अराफ़ात के जबल अर्रेह्मान पर जाने रस्म अदा की गईं। जहां सभी हाजियो ने सोशल डिस्टनसिंग का सख्त पालन किया और अल्लाह से आज के मग़फिरत वाले दिन दुआ की ।

हाजियो ने रो रो कर दुआ की। जब यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई तोह मुस्लिम भी रोने लगे और अमीन कहने लगे।

अराफात के मैदान में मक्का के पूर्व में एक ग्रेनाइट पहाड़ी है। अराफात मक्का के लगभग 20 किमी (12 मील) दक्षिण पूर्व में एक सादा है।

माउंट अराफात ऊंचाई में लगभग 70 मीटर (230 फीट) तक पहुंचता है और इसे मर्सी माउंट (जबल आर-रहमाह) के रूप में भी जाना जाता है। इस्लामी परंपरा के अनुसार, पहाड़ी वह जगह है जहां हमारे नबी हज खड़े थे और मुसलमानों को विदाई उपदेश दिया था।