ईरान के विदेशमंत्री ने दो ईरानी नागरिकों के विरुद्ध प्रतिबंध लगाने के बारे में अमरीकी वित्तमंत्रालय की कार्यवाही पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बल देकर कहा कि अमरीका ने इस्तांबोल में सऊदी अत्याचारों और यमन पर उसके हमलों से जनमत का ध्यान हटाने के लिए ईरान के विरुद्ध और अधिक प्रतिबंध लगा दिए हैं।

अमरीकी वित्तमंत्रालय ने अफ़ग़ान तालेबान के विरुद्ध नये प्रतिबंधों को लागू करने का दावा करते हुए दो ईरानी नागरिकों सहित आठ लोगों को प्रतिबंधित कर दिया है। ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने बुधवार को ट्वीट किया कि अमरीकी वित्तमंत्रालय भूल गया कि वाशिंग्टन आज भी तालेबान के साथ वार्ता कर रहा है और वह हमेशा तालेबान का समर्थन करता रहा है।

अमरीका की ओर से इन प्रतिबंधों की घोषणा एेसी स्थिति में की गयी है कि जब इस्तांबोलन में सऊदी वाणिज्य दूतावास में विरोधी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़्जी की हत्या के कारण सऊदी अरब पर भीषण दबाव है और कोई भी देश सऊदी अरब की सफ़ाई सुनने को तैयार नहीं है।

जमाल खाशुक़जी, सऊदी पत्रकार थे जो सऊदी सरकार विशेषकर इस देश के युवराज मुहम्मद बिल सलमान की नीतियों के प्रबल आलोचक थे।खाशुक़जी, सऊदी सरकार की ब्लैक लिस्ट में शामिल थे और सरकार के डर के कारण सऊदी अरब के बाहर जीवन व्यतीत कर रहे थे। 2 अक्तूबर 2018 को जमाल ख़ाशुक़्जी उस समय लापता हो गये थे जब वह तुर्की के शहर इस्तांबोल में स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में प्रविष्ट हुए किन्तु वापस नहीं आए।

दूसरी ओर इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने इराक़ के नये विदेशमंत्री के रूप में मुहम्मद अली हकीम के निर्वाचन पर उन्हें बधाई दी।

गुरुवार को होने वाली इस टेलीफ़ोनी वार्ता में श्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने आशा व्यक्त की है कि दोनों देशों के आपसी संबंध विभिन्न क्षेत्रों में दोनों राष्ट्रों के हित में अतीत की तुलना में अधिक विस्तृत होंगे।