सीएनएन वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब हथियारों की दौड़ में तो पहले ही कूद चुका था और अब जिसके बारे में बहुत कम ही सुना गया है वह यह है कि सऊदी परमाणु हथियारों को प्राप्त करने में अमेरिका की मदद ले रहा है।

सीएनएन के प्रसिद्ध विश्लेषक निक पैटन वॉल्श ने अपने लेख में लिखा कि शायद वाशिंग्टन ने स्वयं को इस दावे में उलझा लिया है कि ईरान परमाणु ह’थिया’रों की प्राप्ति के प्रयास में है किन्तु वह अपनी इस करतूत से क्षेत्र में ह’थिया’रों की होड़ को तेज़ करने का कारण बन गया है, यह ऐसी दौड़ है जिसमें वाइट हाऊस में मौजूद वर्तमान परिवार और सऊदी राजमहल में मौजूद वर्तमान परिवार एक दूसरे के संपर्क में हैं।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने क्षेत्र की स्थिति को लेकर जो हो हल्ला मचा रखा है उसी के कारण उन्होंने सऊदी अरब के साथ 110 अरब डॉलर का सैन्य समझौता किया।

सीएनएन के पत्रकार लिखते हैं कि इसके हटकर ट्रम्प प्रशासन ने पिछले महीने अमरीकी कांग्रेस को धोखा देकर तथा ईरान के साथ ख़तरा बढ़ने के दावे के साथ आपातकालीन स्थिति की घोषणा करके सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात और जार्डन को आठ अरब डॉलर के हथियार बेच डाले।

निक पैटन वॉल्श ने लिख कि किन्तु सऊदी अरब ख़राब हालात का दुरुपयोग करते हुए अमरीका से प्रचलित और अप्रचलित हर प्रकार के हथियार जमा करने के प्रयास में है, उसे वाशिंग्टन के प्रतिस्पर्धियों से भी सामूहिक विनाश के हथियार और अप्रचलित शस्त्र ख़रीदने की अपील की है।