गुरुवार को, अल्जीरियाई अधिकारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को निकाब पहनने से प्रतिबंधित कर दिया. आपको बता दें की अल्जीरिया की ज्यादातर आबादी मुस्लिम है. ऐसे में यहाँ महिलासों के नकाब पर प्रतिबन्ध का फैसला बेहद गुस्साई है.

देह के प्रधानमंत्री अहमद ओहिया ने कहा, “महिलाओं को उनके हितों के स्तर पर सुरक्षा और संचार के नियमों और आवश्यकताओं का सम्मान करने के लिए बाध्य किया जाता है.” पत्र में यह भी कहा गया है कि अन्य सभी कपड़े जो “महिलाओं को अपने सार्वजनिक कर्तव्यों को ले जाने से रोकते हैं” भी प्रतिबंधित हैं.

इस निर्णय का स्वागत देश के अन्य सांसदों ने नहीं किया. इस्लाम के मुताबिक इस्लामवादी सांसद मसूद अमराव ने कहा कि नया कानून “इस्लाम पर घोषित युद्ध” है और यह सरासर इस्लाम के खिलाफ एक कदम है. “अल्जीरिया की जनसंख्या 98.2 प्रतिशत मुस्लिम है.”

अल्जीरिया के फैसले ने ट्विटर पर एक चर्चा की, कई व्यक्तियों से ध्रुवीकृत प्रतिक्रियाओं को चित्रित किया. कुछ ने निर्णय की निंदा की, इसे लोगों की पसंद की आजादी पर प्रतिबंध लगा दिया. दूसरों ने इस फैसले की सराहना की कि यह देश के लिए एक कदम आगे है.