कुवैत ने देश में प्रवासियों के लिए एक नया नियम लागू किया है जो बड़ी तादाद में प्रवासियों की नौकरी जाने का कारण बन सकता है. कुवैत के ‘पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर’ ने 60 साल से अधिक उम्र के लोगों, साथ ही साथ हाई स्कूल डिप्लोमा या उससे शिक्षित लोगों का वर्क परमिट रद्द करना का फैसला ले लिया है. इस आदेश को लागू करने के लिए कुवैत ने ‘अल सियासह’ अखबार को वर्क परमिट रोकने का निर्णय लिया है.

खबरों से मिली जानकारी के अनुसार, ‘पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपॉवर’ ने 60 साल से ज्यादा उम्र वाले प्रवासियों के वर्क परमिट रिन्यू कराने पर रोक लगा दी है. इसके साथ ही विशेषज्ञ सलाहकार के रूप में काम करने वाले लोग, उच्च शिक्षित प्रवासी, कुवैत में पांच साल के वर्क परमिट पर आये प्रवासी, कुवैती महिलाओं से शादी कर चुके प्रवासी पुरुष, फिलिस्तीनी प्रवासी और अन्य कुछ मामलों में कई प्रतिब’न्ध लागू किये हैं.

60 साल की उम्र में निजी क्षेत्र में काम कर रहे प्रवासी और विश्वविद्यालय के स्नातकों के लिए रेजिडेंट रिन्यू केवल पांच साल के लिए किया जाएगा. 65 वर्ष की आयु तक पहुंचने वालों के लिए रेजिडेंट रिन्यू नहीं किया जाएगा. यदि उनके पास सलाहकार और विशेषज्ञ के विषय में स्पेशल डिग्री या अनुभव हो तो उन्हे 70 साल की उम्र तक छूट दी जायेगी. माना जा रहा है कि इस फैसले से देश में लगभग 60,000 प्रवासी प्रभावित होंगे जो 60 साल की उम्र या उससे आगे की उम्र में हैं. इस उम्र सीमा के 5,000 से 10,000 प्रवासी हैं जो डिग्रीधारी नहीं हैं या पूरी तरह से निरक्षर हैं और प्राथमिक के धारकों के बीच काम कर रहे हैं उनकी नौकरी भी इस नियम के तहत चली जायेगी.