तेहरान के इमामे जुमा मुहम्मद हसन अबूतोराबी फ़र्द ने कहा है कि करबला की घटना हमें सही जीवन व्यतीत करने का मार्ग बताती है।

हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन मुहम्मद हसन अबूतोराबी फ़र्द ने जुमे के ख़ुत्बे में कहा है कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम, राष्ट्रों के लिए आदर्श हैं जिन्होंने पूरी दुनिया को स्वाभिमान और स्वतंत्रता का पाठ दिया है।  उन्होंने कहा कि ईरान पर थोपे गए युद्ध के दौरान प्रतिरक्षा को हुसैनी आदर्श ने सुदृढ बनाया।  अबूतोराबी फ़र्द ने कहा कि इसी प्रतरक्षा ने लेबनान और इराक़ के प्रतिरोधकर्ताओं को हिम्मद दी जिसके सहारे उन्होंने वर्चस्ववाद का डटकर मुक़ाबला किया।

उन्होंने ईरानी राष्ट्र के मुक़ाबले में ट्रम्प, नेतनयाहू और बिन सलमान की नीतियों के संदर्भ में कहा कि ईरानी राष्ट्र के प्रतिरोध के चार दशकों का अनुभव अमरीका और विश्व समुदाय के सामने मौजूद है जो इमाम हुसैन के आन्दोलन से प्रभावित रहा है।  अबूतोराबी फ़र्द ने क्षेत्र में प्रतिरोध के केन्द्र से ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री की चिंता का उल्लेख करते हुए कहा कि इस्राईल को पता है कि उसके विनाश का समय अब बहुत निकट आ चुका है।

ज्ञात रहे कि ईरान में आज ग्यारह मुहर्रम है जबकि भारत और पाकिस्तान में शुक्रवार को दस मुहर्रम है।  उल्लेखनीय है कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने करबला आन्दोलन को स्पष्ट करते हुए कहा था कि मेरा लक्ष्य अच्छाइयों को फैलाना और बुराइयों को रोकना तथा अत्याचार का मुक़ाबला करना है।  उन्होंने कहा था कि मैं पवित्र क़ुरआन और इस्लाम की सुरक्षा करना चाहता हूं।