इतिहास इस परिवार के अत्याचारों और अपराधों से भरा पड़ा है, लेकिन हालिया वर्षों में इस परिवार ने यमन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़कर और उसकी घेराबंदी करके जो मानव विरोधी भंयकर युद्ध अ’परा’ध अंजाम दिए हैं, उसकी मिसाल इतिहास में मिलना मुश्किल है।

सऊदी शाही परिवार के आदेश पर ही इस देश के अधिकारियों ने पिछले साल अक्तूबर में इस्तांबुल स्थित कांसुलेट में पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी के शरीर के टुकड़े टुकड़े कर दिए थे।

इसी हफ़्ते वाशिंगटन पोस्ट ने अपने एक संपादकीय में लिखा था कि सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान दूसरा सद्दाम बनने के मार्ग पर अग्रसर हैं।

यहां पर सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इस तरह की हैवानियत केवल इस परिवार के पुरुषों से ही शेष नहीं है, बल्कि महिलाओं में भी ऐसी ही आदतें पाई जाती हैं और वे भी हर शक्तिशाली व्यक्ति के सामने नतमस्तक हो जाती हैं और कमज़ोर की खाल तक खींच लेती हैं।

इस परिवार के सदस्यों की यह एक ख़ास आदत रही है कि शक्तिशाली अमरीकी और पश्चिमी अधिकारियों के तलवे तक चाटने के लिए हाज़िर रहते हैं, लेकिन अपने से कमज़ोर व्यक्ति के साथ जनवरों से भी बदतर व्यवहार करते हैं।

उदाहरण स्वरूप, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प आए दिन खुलेआम अरब शासकों का अपमान करते हैं और उन्हें दूध देने वाली गाय बताते हैं, लेकिन इन अरब शासकों के कान पर जूं तक नहीं रींगती है।