अमेरिका के माइक पोम्पो ने इस सोमवार को एक ईरान पर कड़े प्रतिबन्ध लगाने का एक बयान दिया था जिसके बाद ईरानी नेताओं ने भी अमेरिका के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी. मंगलवार को एक सभा में हसन रूहानी ने कहा था की अमेरिका की धमकियों से ईरान नहीं डरने वाला तो वहीं ईरानी सैनिकों के प्रमुख ने कहा है की हमारा देश अब युद्ध के लिए पहले से ज्यादा तैयार है.

क्या कहा पोम्पो ने ?

सोमवार को अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पो ने कहा था की “अगर ईरान ने अपनी विदेश और घरेलू नीति में कोई बदलाव नहीं किया तो उस पर इतिहास के अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. उन्होंने ईरान के सामने 12 मांगें रखीं और कहा कि आर्थिक प्रतिबंधों से राहत तभी मिल सकती है जब अमेरिका इस बात से संतुष्ट हो जाएगा कि ईरान की नीतियों में वास्तविक बदलाव आ गया है.”

पोम्पेओ ने कहा कि अमेरिका नई, विस्तारित प्रतिबंधों को बनाए रखेगा जब तक कि तेहरान प्रशासन की मांगों को स्वीकार नहीं करता, जिसमें ईरान में सभी संदिग्ध परमाणु स्थलों, ईरान के भारी जल रिएक्टर को बंद करने और हिजबुल्लाह जैसे मिडिल ईस्ट आतंकवादी समूहों के लिए वित्त पोषण का अंत शामिल है.

क्या कहना है ईरान का ?

ईरानी मीडिया के अनुसार पोम्पो के बयान के एक दिन बाद, एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य कमांडर ने पोम्पो को धमकी देकर कहा की “हमारी सेना हर तरह के युद्ध के लिए तैयार है और कहा की ईरान को पोम्पो के मुंह पर एक जोरदार पंच करना चाहिए.”

बुधवार को ईरान के इस्लामी गणराज्य के सशस्त्र बलों के चीफ मोहम्मद बागेरी ने कहा की “ईरान “रक्षा क्षमताओं” को विकसित करने के लिए विदेशी शक्तियों की “अनुमति की प्रतीक्षा नहीं करेगा” और चेतावनी दी कि संघर्ष के लिए उनके देश की सेना “पहले से कहीं अधिक तैयार” है.