ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने क़तर के अमीर के साथ एक टेलीफोन कॉल की. जिसमें कतरी अमीर ने कहा कि दोहा और तेहरान के बीच संबंध “दैनिक आधार पर विकासशील” थे.

ईरान की महर न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, टेलिफोनी वार्ता में हसन रूहानी ने कहा कि दबावों, धमकियों और चुनौतियों के मुक़ाबले में क़तर की सरकार और वहां के राष्ट्र का प्रतिरोध, प्रशंसनीय है.  उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, क़तर के परिवेष्टन को अन्यायपूर्ण मानता है.

अल अरेबिया के मुताबिक, राष्ट्रपति का कहना था कि ईरान की नीति, वार्ता के माध्यम से क्षेत्रीय देशों के मतभेदों को समाप्त करना है.  उन्होंने कहा कि हम क्षेत्र के कुछ देशों की द्वेषपूर्ण नीतियों को उचित नहीं मानते क्योंकि इनसे फ़िलिस्तीनी, यमन और सीरिया सहित क्षेत्र में अधिक समस्याएं उत्पन्न होंगी.

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि यमन की अलहुदैदा बंदरगाह पर आक्रमण के कारण यमन में बहुत ही गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हो जाएगा.  उन्होंने कहा कि एेसे में सब की ज़िम्मेदारी यमन की अत्याचार ग्रस्त जनता की मदद करना है.