विदेश मंत्री ने कहा है कि ईरान वर्तमान स्थिति में अपना तेल बेचने में भी सक्षम है और अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा भी कर सकता है।

मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने जापान की क्योडो समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि अमरीकी सरकार परमाणु समझौते में वापस लौट कर, जिससे वह ग़ैर क़ानूनी ढंग से निकल गई थी और ईरान के ख़िलाफ़ लगे प्रतिबंधों को समाप्त करके वार्ता का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। उन्होंने इस बात की तरफ़ इशारा करते हुए कि अमरीका अपने क़ानूनी दायित्वों का पालन नहीं करता, कहा कि अमरीका का व्यवहार इस बात का कारण बना है कि अब वार्ता के विषय पर ही सवाल उठने लगे हैं।

विदेश मंत्री ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान हितों के आधार पर परमाणु समझौते में बाक़ी रहने या उससे निकलने का फ़ैसला करेगा, कहा कि ईरान, अमरीका के प्रतिबंधों को विफल बना सकता है और बहुत से देशों ने ईरान के साथ व्यापार के लिए अपनी तैयारी की घोषणा की है। ज़रीफ़ ने इसी तरह कहा कि ब्रिटेन, फ़्रान्स और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों के अलावा चीन, रूस और जापान जैसे देश जो परमाणु समझौत को बहुत अधिक महत्व देते हैं, ईरान के साथ अपना व्यापार जारी रखने के लिए तैयार हैं।