रूस ने कहा है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान को अंतर्राष्ट्रीय तेल बाज़ार से अलग नहीं किया जा सकता है और हमारी नीतियों का मुख्य सिद्धांत यह है कि सभी तेल उत्पादक देश एक साथ चलें।

रूस के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री मक्सिम ओरेशकीन ने सूची में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान पर अमेरिका द्वारा एकपक्षीय प्रतिबंध अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के देशों को सचेत किया कि अगर ईरान को तेल की मंडी से अलग कर दिया गया तो तेल की क़ीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगी। ओरेशकीन ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में उन सभी देशों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 15 अक्टूबर सोमवार को  मास्को में ईरान के पेट्रोलियम मंत्री बीजन नामदार ज़ंगने ने रूस के ऊर्जा मंत्री अलैग्ज़ैंडर नोवाक के साथ मुलाक़ात में विश्व बाज़ार में तेल की ताज़ा स्थिति पर विचार विमर्श किया था। दोनों देशों के अधिकारियों ने ऊर्जा के क्षेत्र में ईरान और रूस के बीच सहयोग में विस्तार पर भी बल दिया था। इस मुलाक़ात में नोवाक का कहना था कि दोनों देशों के अधिकारी लगातार एक दूसरे के संपर्क में हैं, जिसके कारण आर्थिक एवं ऊर्जा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा, ओपेक में बनी सहमति के तहत तेल के उत्पादन में 10 लाख बैरल की वृद्धि से विश्व बाज़ार में क़ीमतों में स्थिरता आ जाएगी।

दूसरी ओर रूस के ऊर्जा मंत्री अलैग्ज़ैंडर नोवाक ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प द्वारा लगातार किए जा रहे ट्विट संदेशों के कारण अंतर्राष्ट्रीय तेल मंडी में भ्रम फैल रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प अपने ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयानों के कारण अंतर्राष्ट्रीय तेल मंडी में अस्थिरता पैदा करके तेल की क़ीमतों में और अधिक वृद्धि रास्ता साफ़ कर रहे हैं।

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