इस बार ईरान के 900 शहरों में विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियां निकाली गयीं जबकि लंदन और टोरंटो सहित दुनिया के 800 शहरों में विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियों के निकलने का कार्यक्रम था।

ईरानी राष्ट्र ने देश में विश्व क़ुद्स दिवस की रैलियों में भव्य रूप से भाग लेकर एक बार फिर विश्व साम्राज्य और ज़ायोनियों के ख़िलाफ़ संघर्ष में फ़िलिस्तीनियों का साथ देने का एलान किया।

पूरी दुनिया में पवित्र रमज़ान का आख़िरी शुक्रवार विश्व क़ुद्स दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष ईरानी राष्ट्र की विश्व क़ुद्स दिवस की रैली का नारा “विश्व क़ुद्स दिवस, प्रतिरोध के मोर्चे की जीत, अमरीकी-ज़ायोनी साज़िश की नाकामी, फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की वापसी का संकल्प” था। पिछले वर्षों की तरह इस साल की रैलियों में भी ईरानी जनता ने “अमरीका मुर्दाबाद”, “इस्राईल मुर्दाबाद”, “आले सऊद और क्षेत्र के ग़द्दार मुर्दाबाद” ख़ास तौर पर किराए के तकफ़ीरी दाइशियों के ख़िलाफ़ नारे लगाए।

सौजन्य से -रायटर्स

रैली में भाग लेने वालों के हाथों में ऐसे प्लेकार्ड थे जिन पर फ़िलिस्तीन के ज़ायोनी शासन द्वारा अतिग्रहण की निंदा और बैतुल मुक़द्दस की आज़ादी के समर्थन में नारे लिखे थे।

आज की रैली में ईरानी जनता के साथ साथ देश के बड़े बड़े प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया और फ़िलिस्तीन की पीड़ित जनता के समर्थन में नारे लगाए तथा अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के अपराधों की भर्त्सना की।

ईरान में विश्व क़ुद्स की रैली का देश-विदेश के 5300 पत्रकारों ने कवरेज दिया।

 

इस बीच रिपोर्ट के अनुसार, बहरैन के विभिन्न इलाक़ों, सीरिया की राजधानी दमिश्क़, इराक़ की राजधानी बग़दाद सहित कई शहरों, जॉर्डन की राजधानी अम्मान, भारत की राजधानी दिल्ली सहित अनेक छोटे बड़े शहरों, जम्मू कश्मीर, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद सहित अनेक शहरों, मलेशिया के कुआलालंपूर शहर, अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल, रूस की राजधानी मॉस्को और अफ़्रीक़ी देश तन्ज़ानिया की राजधानी दारुस्सलाम तथा केन्या की राजधानी नैरोबी में विश्व क़ुद्स दिवस की रैली आयोजित हुयी।