नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार शाम नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को मंजूरी प्रदान कर दी। इसके साथ ही सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। लिहाजा अब इस विधेयक ने कानून का रूप ले लिया है और पाकिस्तान, अफगानिस्तान तथा बांग्लादेश के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का रास्ता साफ हो गया।

इससे पहले बुधवार को राज्‍यसभा में नागरिकता संशोधन बिल के पास होना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्‍वागत किया और इसे भारत के इतिहास में मील का पत्‍थर बताया था। पीएम मोदी ने ट्वीट किया था कि भारत के लिए और हमारे देश की करुणा और भाईचारे की भावना के लिए ये एक ऐतिहासिक दिन है। ख़ुश हूं कि सीएबी 2019 राज्यसभा में पास हो गया है। बिल के पक्ष में वोट देने वाले सभी सांसदों का आभार। ये बिल बहुत सारे लोगों को वर्षों से चली आ रही उनकी यातना से निजात दिलाएगा।’

मौजूदा कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कम से कम 11 साल यहां में रहना अनिवार्य था। नए कानून में पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों के लिए यह अवधि घटाकर छह साल कर दी गई है। मौजूदा कानून के तहत भारत में अवैध तरीके से दाखिल होने वाले लोगों को नागरिकता नहीं मिल सकती थी और उन्हें वापस उनके देश भेजने या हिरासत में रखने के प्रावधान था।

मालूम हो कि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में लोकसभा में इस संशोधन विधेयक को पेश किया था और इसे पारित करा लिया था, लेकिन पूर्वोत्तर में जबर्दस्त विरोध होने की वजह से इसे राज्यसभा में पेश नहीं कर पाई थी। लोकसभा के भंग होने की वजह से विधेयक निष्प्रभावी हो गया था।

सऊदी परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 


न्यूज़ अरेबिया एकमात्र न्यूज़ पोर्टल है जो अरब देशों में रह रहे भारतीयों से सम्बंधित हर एक खबर आप तक पहुंचाता है इसे अधिक बेहतर बनाने के लिए डोनेट करें
डोनेशन देने से पहले इस link पर क्लिक करके पढ़ें Click Here
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here