पिछले 7 दिनों से इ’जरा’ यल और फिलिस्तीन के बीच संघ: र्ष जारी है। इस जं’ ग में अब तक करीब 126 लोग मा’ रे जा चुके हैं। इनमें 31 बच्चे भी शामिल हैं। फिलिस्तीन और इज’ राय’ ल के बीच पिछले कई दिनों से जारी जं’/ग पर अब भारत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने हिं’ सा की निं’ दा करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में दोनों पक्षों में यथास्थिति में एकतरफा बदलाव न करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि गाज़ा पट्टी में जिस प्रकार रॉ’ केट से ह’ मले किए गए उन ह’ मलों की भारत कड़ी निं’ दा करता है। इसके साथ ही दोनों देशों से अपील करता है कि वह तत्‍काल तना’ व कम करें और शांति की ओर अपने कदम बढ़ाएं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रविवार को मध्य पूर्व में जारी हालात पर खुली बैठक की। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इ’ जरा’इल और गाज़ा के बीच त’नाव को ‘बेहद गंभी’-र’ करार दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि पिछले सप्ताह पूर्वी यरुशलम में शुरू हुई हिंसा के नियंत्रण से बाहर जाने का खत’ रा उत्पन्न हो गया है। उन्‍होंने कहा, हम दोनों पक्षों से संयम बरतने, त’ नाव कम करने और पूर्वी यरुशलम और उसके आसपास में मौजूदा यथास्थिति को एकतरफा रूप से बदलने के प्रयासों से परहेज करने का आग्रह करते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत फिलिस्तीन के जायज मांगों का समर्थन करता है और टू नेशन- थ्योरी के तहत मामले के हल के लिए वचनबद्ध है। तिरुमूर्ति ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच जिस तरह से तना’व पैदा हुए हैं उसे देखने के बाद सुरक्षा परिस्थितियों के हालात तेजी से बि’ गड़े हैं। तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत इज’ राय’ ल और फलस्तीन के बीच वार्ता बहाल करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के हरसंभव प्रयास का समर्थन करता है।

तिरुमूर्ति ने आगे कहा, ‘इस रॉ’केट हम’ ले में भारत ने इज़’ राइ’ ल में रहने वाले अपने एक नागरिक को भी खो दिया है। वह अशकलोन में परिचारिका के तौर पर काम करने वाली एक महिला थीं। हम उनके समेत अन्य सभी नागरिकों के नि’ धन’ पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हिं’;सा, उकसा’ वे और विध्वंस के मौजूदा घ’टना’चक्र में अपनी जान गंवाई है। इसी बीच इज’रा’ यल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्वीट कर समर्थन देने वालों देशों का शुक्रिया जताया है। लेकिन इसमें भारत का जिक्र नहीं किया गया है।