एयर इंडिया ने ट्रैवल एजेंटों और हज यात्रियों को सूचित किया है कि 15 सितंबर तक जेद्दा-हैदराबाद – मुंबई और जेद्दाह-कोचीन के बीच चलने वाली उड़ानों में आबे ज़म ज़म लाने पर बैन रहेगा, जिसके बाद भारतीय प्रवासीयों ने इस वात पर गुस्सा जाहिर किया साथ ही इसे उनके साथ नाइंसाफ़ी बताई।

एयर इंडिया के जेद्दा कार्यालय से जारी 4 जुलाई, 2019 को जारी परिपत्र के सामने आने के बाद मुस्लिम समुदाय में भारी रोष है। पत्र में कहा गया है, “विमान के बदलने और सीटों की सीमा के कारण, ज़म ज़म के डिब्बे हमारी उड़ानों में नहीं लगेंगे।

इस मामले में कई आज़मीन ने कांग्रेस विधायक अमीन पटेल से हस्तक्षेप करने के लिए कहा। जिसके बाद उन्होंने नागरिक उड्डयन और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालयों को पत्र लिखकर, एयर इंडिया को 15 सितंबर तक इन उड़ानों में लौटने वाले आज़मीन के लिए ज़म ज़म की व्यवस्था करने का निर्देश देने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा, ज़म ज़म पवित्र जल है और इसका धार्मिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि यह इतना धन्य है कि यह बीमारियों को ठीक कर सकता है। हाजियों को उन्हें ले जाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

हालांकि एआई के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, एयरलाइन के एक स्रोत ने पुष्टि की कि परिपत्र वास्तविक था। कई प्रमुख निजी टूर ऑपरेटरों टीओआई ने इसे प्राप्त करने से इनकार किया।

हज कमेटी ऑफ इंडिया के सीईओ एम ए खान ने कहा कि एआई हज से लौटने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री को 5 लीटर ज़म ज़म देने के लिए बाध्य है, क्योंकि यह एआई और हज कमेटी के बीच हस्ताक्षरित एमओयू का हिस्सा है।