इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार डॉक्टर कफील खान को मथुरा जे’ल से रि’हा कर दिया गया है। दरअसल, 1 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. कफील को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए थे। साथ ही कफील पर लगाए एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) को भी रद्द कर दिया था।

वहीं डॉक्टर कफील खान ने फेसबुक पर लाइव आकर अपने चाहने वालों और दुआ करने वालों का शुक्रिया अदा किया। साथ ही कफील खान ने 8 महीनों से जेल में बंद होने पर हर एक अत्या’चारों की पोल खोली। उन्होबे कहा कि मुझसे हर रोज़ धमकी देकर यह कहा जाता था कि जो 70 बच्चे ऑक्सीजन की कमी से मरे थे तुम उन्हें कभी याद नही करोगे ना ही उनके बारे में कोई बयान दोगे। इस पर कफील खान ने बताया जी आखिर में उन नन्हे मासूमों को भला कैसे भूल सकता हूँ जो मेरी आँखों से दम तोड़ा था।

Drkafeelkhan ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಮಂಗಳವಾರ, ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 1, 2020

कफील खान ने आगे कहा कि जेल में उन्हें 5-5 दिनों तक ना खाना दिया साथ ही शारीरिक और मानसिक रूप से यात’नाएं भी दी गयी। इन्वेस्टीगेशन करते वक़्त उन्हें तरह तरह से सवाल किए गए। मिझे पूछा गया कि आप ऐसा पाउडर बना रहे है जो दुनिया को मा’र’ना चाहता हैं। इतना परेशान हो गया हूँ कि अपनी माँ की गोद मे रोना चाहता हूँ। ताकि सुकून मील और फिर से देश की सेवा कर सकू। उन्होंने योगी सरकार से अपनी नौकरी भी वापस मांगने की माग की हैं।

रिहा होने के बाद कफील ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आदेश में उन्होंने लिखा है उत्तर प्रदेश सरकार ने एक झूठा बेसलेस केस मेरे ऊपर थोपा। बिना बात के ड्रामा करके केस बनाए गए और 8 महीने तक इस जेल में रखा। इस जेल में मुझे पांच दिन तक बिना खाना, बिना पानी दिए मुझे प्रताड़ित किया गया। मैं उत्तर प्रदेश के एसटीएफ को भी धन्यवाद दूंगा, जिन्होंने मुंबई से मथुरा लाते समय मुझे एनकाउंटर में मा’रा नहीं है।’