इन दिनों हर जगह तम्बाकू को लेकर अभियान चलाये जा रहे हैं. जगह-जगह इसके खिलाफ नागरिक अभियान चला रहे हैं.सऊदी अरब भी तम्बाकू/धूम्रपान के खिलाफ आवाज उठाने वालों में  है. जहां हर रोज तम्बाकू के सेवकों पर नए-नए जुर्माने लगाये जाते हैं और लोगों को तम्बाकू के सेवन से बचने के लिए कहा जाता है.

सऊदी अरब हुआ डब्लूएचओ के साथ शामिल 

अरब नामा को मिली खबरों के अनुसार 31 मई को विश्व तंबाकू दिवस को चिह्नित करने के लिए सऊदी अरब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) में धूम्रपान विरोधी अभियान में शामिल हो जाएगा. जिसमे अभियान तंबाकू के उपयोग के खतरों के बारे में जन जागरूकता को बताता है और इसका उपयोग ना करने की सलाह देता है.

हर साल, डब्ल्यूएचओ और उसके सहयोगी, वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन समेत, स्वास्थ्य समस्याओं और तंबाकू के उपयोग से जुड़े जोखिमों को उजागर करने और तम्बाकू की खपत को कम करने के लिए नीतियों की वकालत करने के लिए दुनिया भर में नो टोबेको डे मानते हैं.

हर साल धूम्रपान से होती है देश में इतनी मौतें 

अरब नामा को मिली खबरों के अनुसार मन्त्रालय ने कहा कि हर साल राज्य में लगभग 70,000 लोग धूम्रपान से संबंधित बीमारियों से मर जाते हैं.

तंबाकू का उपयोग कैंसर, दिल और फेफड़ों की बीमारी, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के माध्यम से हर साल दुनिया भर में 7 मिलियन से अधिक लोगों को मारता है.