अमरीकी कांग्रेस में सऊदी पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या और यमन युद्ध के मामलों को लेकर आक्रोश बढ़ गया है। मीडिया में जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या के लम्हों की आडियो भी आ गई है और ख़ाशुक़जी की चीख़ और उनके शरीर के टुकड़े किए जाने की आवाजें इस आडियो क्लिप में हैं।

जबकि इस पूरे प्रकरण के बारे में सीआईए प्रमुख जीना हैस्पेल अमरीकी कांग्रेस को विस्तार से ब्रीफ़िंग दे चुकी हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की दरिंदगी के बारे में हर तरफ़ चर्चा हो रही है।

रान पाल और लिंडसे ग्राहम हैसे वरिष्ठ रिपब्लिकन सांसदों और अनेक डेमोक्रेट सांसदों ने ज़ोर देकर कहा है कि सऊदी अरब और क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान को दंडित करने के लिए क़दम उठाना ज़रूरी है।

ग्राहम ने फ़ाक्स न्यूज़ को साक्षात्कार देते हुए कहा कि कोई भी सेनेटर एसा नहीं है जिसे हैस्पेल की ब्रीफ़िंग सुनने के बाद इस बारे में विश्वास न कर चुका हो कि ख़ाशुक़जी की हत्या में सऊदी क्राउन प्रिंस लिप्त हैं। उन्होंने कहा कि केवल ख़ाशुक़जी की हत्या नहीं हुई बल्कि दूसरे कई आलोचकों को देश के बाहर गिरफ़तार करने के बाद सऊदी अरब में ले जाकर जेलों में डाल दिया गया और सऊदी अधिकारियों ने तो लेबनान के प्रधानमंत्री को भी गिरफ़तार कर लिया जो बड़ी हैरत वाली बात है।

ग्राहम इससे पहले कह चुके हैं कि बिन सलमान मध्यपूर्व में एक विश्वंसकारी तत्व हैं उन्होंने वाशिंग्टन रियाज़ संबंधों को भारी नुक़सान पहुंचाया है। डेमोक्रेटिक पार्टी की बात की जाए तो उसके 11 नेताओं ने राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को एक पत्र लिखा है जिसमें साफ़ कहा गया है कि ख़ाशुक़जी की हत्या के मामले में बिन सलमान को बचाने की वाइट हाउस की कोशिश हमारे मूल्यों के लिए कलंक का टीका है।