रियाद: इकनोमिक टाइम्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी नेता के ओपेक के लिए तेल की कीमतें कम करने के लिए टेलीफोन कॉल पर सऊदी किंग सलमान के साथ वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर चर्चा की है.

देश में राजनीतिक दबाव का सामना करने वाले ट्रम्प, ओपेक और अमेरिकी सहयोगियों जैसे सऊदी अरब पर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को कम करने के लिए अपने उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुमकिन कोशिश कर रहे हैं.

बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड अब 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता है. विश्लेषकों का कहना है कि नवंबर में ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते कीमतें अधिक बढ़ जाएंगी.

पूर्वी वर्जीनिया राज्य में भाषण देते हुए ट्रम्प ने जो कुछ कहा वह इस बात की साफ़ घोषणा है कि अमरीका अब पेट्रो डालर के बदले आले सऊद की सुरक्षा जारी नहीं रखेगा बल्कि इस शर्त पर इस सरकार को सत्ता में बाक़ी रहने देगा कि तेल और गैस का हर फ़ैसला वाइट हाउस की इच्छा के अनुसार हो.

इससे पहले सऊदी अरब और अमरीका का पारम्परिक समझौता था तेल के मुक़ाबले में सुरक्षा. यह समझौता फ़्रैंकलिन रोज़वेल्ट और नरेश अब्दुल अज़ीज़ के बीच वर्ष 1945 में अमरीका के क्वेन्सी नामक समुद्री जहाज़ पर हुआ था और इसी समझौते के आधार पर अमरीका ब्रिटिश साम्राज्य को हथिया कर फ़ार्स खाड़ी के देशों में मनमानी करने में कामयाब हो गया था अलबत्ता उसने आले सऊद शासन को यह आश्वासन दिया था कि उसकी तानाशाही सरकार की रक्षा करता रहेगा.