अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर्व फिर से कड़े प्रतिबन्ध लगाकर खुद के खिलाफ दुनिया के सबसे ताकतवर देशों को ईरान का पूर्ण समर्थन हासिल हुआ है. इन देशों में तुर्की, यूरोप, रूस, स्विटज़रलैंड, जर्मनी और अन्य देश शामिल है.

तुर्की राष्ट्रपति रजब तय्यब एर्दोगान ने मंगलवार को अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों पर फटकार लगाई. एर्दोगान ने अमेरिका के इस कदम को दुनिया को असंतुलित करने के लिए एक कदम के रूप में वर्णित किया.

एर्दोगान ने अपने संबोधन के बाद अंकारा में न्यायमूर्ति और विकास पार्टी (एके पार्टी) संसदीय समूह संवाददाताओं से कहा ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध गलत हैं, हमारे लिए वे दुनिया को असंतुलित करने के उद्देश्य से कदम उठा रहे हैं. वे अंतरराष्ट्रीय कानून या कूटनीति के खिलाफ भी हैं. हम साम्राज्यवादी दुनिया में नहीं रहना चाहते हैं.”

शेनहुआ की रिपोर्ट के अनुसार स्वीट्ज़रलैंड के कन्फ़ेड्रेशन के प्रमुख एलन ब्रेसेट मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों के लागू होने से आगे का रास्ता और भी कठिन हो जाएगा. उन्होंने कहा कि स्वीट्ज़रलैंड परमाणु समझौते का समर्थन करता है.

उन्होंने वर्ष 2018 के आरंभ में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी में अपने देश की उपस्थिति की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस संस्था का संदेश यह है कि ईरान इस समझौते को वास्तविक रूप से लागू करे. स्वीट्ज़रलैंड के कन्फ़ेड्रेशन के प्रमुख ने बल दिया कि ईरान के साथ परमाणु समझौता बहुत लाभदायक है. उन्होंने कहा कि इस समझौते को बाक़ी रहना चाहिए और इसमें शामिल समस्त पक्षों को लागू करना चाहिए.