हिज़्बुल्लाह के उपमहासचिव ने कहा है कि फ़िलिस्तीन की स्वतंत्रता के लिए एक बड़ी सेना बनाई जाएगी। शैख़ नईम क़ासिम ने, जो 32वीं इस्लामी एकता काॅन्फ़्रेंस में भाग लेने के लिए तेहरान में हैं, मेहर समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा है कि फ़िलिस्तीन की स्वतंत्रता और पश्चिमी षड्यंत्रों का मुक़ाबला करने के लिए ज़मीनी व सांस्कृतिक मैदान में व्यवहारिक क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है और फ़िलिस्तीन की स्वतंत्रता के लिए एक बड़ी सेना गठित की जाएगी।

उन्होंने “द डील आॅफ़ द सेंचुरी” नामक पश्चिमी षड्यंत्र को विफल बनाने के संबंध में इस काॅन्फ़्रेंस के प्रभाव के बारे में कहा कि यह काॅन्फ़्रेंस और इस जैसे सम्मेलन एक क़दम हैं और एेसे बहुत से क़दम हैं जो ज़मीनी मैदान में फ़िलिस्तीन समस्या के लिए उठाए जाने चाहिए।

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के उपमहासचिव शैख़ नईम क़ासिम ने इसी तरह फ़िलिस्तीन समस्या को ठंडे बस्ते में डालने की दुश्मनों की साज़िशों के मुक़ाबले में मुसलमानों की चेतना पर बल दिया। ज्ञात रहे कि तेहरान में आयोजित होने वाली 32वीं इस्लामी एकता काॅन्फ़्रेंस शनिवार से आरंभ हुई है और सोमवार को उसका अंतिम दिन है। इस काॅन्फ़्रेंस में 81 देशों के 25 से अधिक मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने भाग लिया है।